Mon, 21 Nov 2022

248, 248 और फिर: क्रिकेट इतिहास का वो मुकाबला जिसे कभी नहीं भूला पाएगा भारत, आपको भी जानकार होगी हैरानी

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क्रिकेट का इतिहास में कई रोमांचक घटनाओं से भरा पड़ा है. क्रिकेट इतिहास में कई ऐसे भी मुकाबले हुए जो कि कभी नहीं भुलाया जा सकते हैं. ऐसा ही कभी ना भुला देने वाला एक मैच 18 नवंबर 1993 को खेला गया था. यह मुकाबला भारत और जिंबाब्वे के बीच हुआ था. उस समय जिंबाब्वे ने भारत का दौरा किया था. हीरो कप में दोनों टीमों के बीच एक वनडे मैच खेला गया था. उस समय भारतीय टीम बहुत ही ज्यादा मजबूत थी और अपने घर में खेल रही थी. ऐसे में जिंबाब्वे की टीम के लिए भारत को हरा पाना बहुत ही मुश्किल था. 

उस समय सचिन तेंदुलकर, अजहरुद्दीन, कपिल देव और अनिल कुंबले जैसे कई भारतीय टीम का हिस्सा थे. उस मैच में जिंबाब्वे ने टॉस जीता और भारत पहले बल्लेबाजी करने उतरा. उस मैच में 50 ओवर में भारतीय टीम ने 5 विकेट गंवाकर 248 रन बनाए. जिंबाब्वे ने 249 रनों के लक्ष्य का पीछा करते हुए 3 विकेट 67 रन पर ही गिर गए थे. लेकिन कप्तान एंडी फ्लावर ने 56 रन की पारी खेलकर टीम को संभाला. जिंबाब्वे के मध्यक्रम के बल्लेबाजों ने मैच को रोमांचक स्थिति में ला दिया.

एक समय ऐसा था जब जिंबाब्वे की टीम 212 रन के स्कोर तक पहुंच गई और उसके 8 विकेट गिर चुके थे. स्ट्राइक पर हिट स्ट्रीक और स्टीफन पील की जोड़ी थी. तभी पील आउट हो गए. अब केवल जिंबाब्वे का एक विकेट बाकी था. अंतिम ओवर में जिंबाब्वे की टीम को 10 रन चाहिए थे. भारत की ओर से मनोज प्रभाकर गेंदबाजी करने उतरे. 

अंतिम गेंद तक मैच रोमांचक स्थिति में पहुंच गया. अब जिंबाब्वे की टीम को जीत के लिए 2 रन चाहिए थे. अंतिम गेंद बॉल स्ट्रीक के पांव से लगी और लेग बाय का रन दौड़ लिया गया. दूसरे रन को दौड़ते समय वो रन आउट हो गएजिंबाब्वे के ऑल आउट होने के बाद इसको बराबर हो गया और यह मुकाबला टाई हो गया.

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