Mon, 21 Nov 2022

भारतीय क्रिकेट इतिहास के वो 5 मौके जब धोनी के क्रीज पर रहते हुए भी टीम इंडिया को करना पड़ा था का सामना

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क्रिकेट का खेल हमेशा ही रोमांच से भरपूर होता है. एक टीम को हार मिलती है तो दूसरी टीम जीत का जश्न मनाती है. भारतीय टीम के पूर्व विकेटकीपर बल्लेबाज महेंद्र सिंह धोनी को विश्व का महान फिनिशर माना जाता है. लेकिन कई बार उनके हाथ भी निराशा लगी. कई बार ऐसा हुआ जब धोनी के क्रीज पर रहते हुए भी भारतीय टीम को हार का सामना करना पड़ा. 

वेस्टइंडीज बनाम भारत, अगस्त 2016

अगस्त 2016 में भारत और वेस्टइंडीज के बीच एक T20 मैच खेला गया था. इस मैच में पहले बल्लेबाजी करते हुए वेस्टइंडीज ने भारत को जीत के लिए 245 रनों का लक्ष्य दिया था. लक्ष्य का पीछा करते हुए भारतीय टीम जीत के काफी करीब पहुंच गई थी. अंतिम बॉल में टीम इंडिया को जीतने के लिए 2 रनों की जरूरत थी और महेंद्र सिंह धोनी स्ट्राइक पर थे. लेकिन वह आउट हो गए. भारतीय टीम यह मुकाबला 1 रन से हार गई. जिसके बाद धोनी की काफी आलोचना हुई थी. 

जिंबाब्वे बनाम भारत, जून 2016 

साल 2016 में जिंबाब्वे और भारत के बीच खेले गए एक टी-20 मैच में जिंबाब्वे की टीम ने पहले बल्लेबाजी करते हुए 170 रन बनाए थे. लक्ष्य का पीछा करते हुए भारतीय टीम 13 ओवर में 4 विकेट गंवाकर 90 रन बना चुकी थी. अंतिम ओवर में टीम इंडिया को जीत के लिए 8 रनों की जरूरत थी. इस ओवर की अंतिम गेंद पर भारतीय टीम को 4 रन चाहिए थे. धोनी क्रीज पर थे. लेकिन वो चौका नहीं लगा सके. जिस कारण यह मुकाबला भारतीय टीम 2 रनों से हार गई और धोनी की काफी आलोचना हुई. 

भारत बनाम दक्षिण अफ्रीका, अक्टूबर 2015 

2015 में दक्षिण अफ्रीका की टीम ने भारत का दौरा किया था. कानपुर में खेले गए पहले वनडे मैच में दक्षिण अफ्रीका ने पहले बल्लेबाजी करते हुए 303 रन बनाए थे. लक्ष्य का पीछा करते हुए एक समय भारतीय टीम का स्कोर 2 विकेट के नुकसान पर 191 रन था. अंतिम ओवर में भारतीय टीम को जीत के लिए 11 रनों की जरूरत थी. आखिरी ओवर रवाड़ा ने कराया. आखिरी ओवर की पांचवीं गेंद पर महेंद्र सिंह धोनी आउट होकर वापस पवेलियन लौट गए और यह मुकाबला भारतीय टीम 5 रनों से हार गई थी.

इंग्लैंड बनाम भारत, सितंबर 2014 

भारत और इंग्लैंड के बीच सितंबर 2014 में खेले गए एक टी-20 मैच में इंग्लैंड ने पहले बल्लेबाजी करते हुए 180 रन बनाए थे. लक्ष्य का पीछा करने उतरी भारतीय टीम को अंतिम ओवर में 16 रनों की जरूरत थी. अंतिम ओवर में माही ने पहली गेंद पर छक्का लगाया और अगली दो गेंदों पर 2 रन दौड़ कर लिए. अब टीम इंडिया को 4 गेंदों में 8 रनों की जरूरत थी. चौथी गेंद पर धोनी ने फिर चौका लगा दिया. अंतिम गेंद पर टीम इंडिया को जीत के लिए 5 रन चाहिए थे. धोनी ने पांचवीं गेंद पर सिंगल नहीं लिया. यह मुकाबला भारतीय टीम 3 रनों से हार गई थी.

भारत बनाम न्यूजीलैंड, सितंबर 2012 

भारत और न्यूजीलैंड के बीच 2012 में चेन्नई में खेले गए दूसरे टी-20 मैच में पहले बल्लेबाजी करते हुए न्यूजीलैंड की टीम ने 167 रन बनाए थे. लक्ष्य का पीछा करते हुए भारतीय टीम ने 14 ओवर में काफी अच्छा स्कोर कर दिया था. अंतिम ओवर में भारतीय टीम को 13 रनों की जरूरत थी. धोनी मैदान पर मौजूद थे. लेकिन वह कुछ खास नहीं कर पाए और यह मुकाबला भारतीय टीम 1 रन से हार गई थी.

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